India welcomes GST: One Tax, One Nation, One Market
1 जुलाई की रात GST लागू हुआ, और सुबह से ही कुछ ट्रेडर हड़ताल पर चले गए. क्यों भाई , कोई नया टैक्स तो नहीं लगा, सिर्फ पुराने टैक्स को लेने का तरीका बदला गया. टैक्स बढाया भी नहीं गया ( कही बढ़ा तो कही कम हुआ) और अगर बढ़ा भी तो कौन सा आपको देना है , जनता देगी. आप को क्या तकलीफ है?
आप कहते हो की नए टैक्स को समझना मुश्किल है। .कोई बात नहीं, समझने का प्रयास तो करो, एक दो महीने का समय तो दो. फिर मुश्किल आये, अधिकारी तंग करे तो जरूर हड़ताल करना, अभी से हड़ताल करने का सबब।

HONEST BUSINESSMEN AND OTHER TAXPAYERS NEVER OPPOSE GST.
HONEST BUSINESSMEN AND OTHER TAXPAYERS NEVER OPPOSE GST.
असलियत ये है की आप GST चाहते ही नहीं. आपकी नियत ही ख़राब है. आप GST को फ़ैल करना चाहते हो. क्यों की आप टैक्स चोर हो. आप धंधे के नाम पर कालाबाजारी, जमाखोरी करते हो. आप किसान से 5 रूपए किलो प्याज लेकर शहर में 100 रूपए किलो बेचते हो. आप 50 रूपए किलो की दाल 150 रूपए किलो बेचते हो।
आप सालो से एक्साइज, सर्विस टैक्स. .सेल्स टैक्स , ओक्ट्रोई चुराते आ रहे हो, ग्राहक से ले लेते हो सरकार को जमा नहीं करते, खुद खा जाते हो. सारा माल कैश में बेचते हो, लाखो कमाते हो, लेकिन एक रूपए इनकम टैक्स नहीं देते. टैक्स चोरी को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हो। GST से तुम्हारी टैक्स चोरी में बाधा पढ रही है, इसलिए तुम तड़प रहे हो. तुम्हे अपनी काली कमाई देश से ज्यादा प्यारी है. इसलिए तुम GST को फ़ैल करना चाहते हो।
तुम्हे अब तक किसी न नहीं रोका. ना अँगरेज़ ने ना कांग्रेस ने , क्यों की उन्हें देश की चिंता नहीं थी, वे खुद तुमसे बड़े लूटेरे थे. देश को लूटने के सिवा उनका कोई काम नहीं था, लेकिन अब देश का राज किसी और के हाथ है. वो ये सब नहीं चलने देगा.बेहतर है की खुद सुधर जाओ,, नहीं तो वो खुद तुम्हे सुधारेगा।
पिछले साल सिर्फ 1% एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ देश के सोनार हड़ताल पर थे. राहुल गाँधी और केजरीवाल उनका साथ दे रहे थे . बाद में नोटबंदी ी में इन्ही सोनारो ने 1 लाख करोड़ का काला धन सफ़ेद किया . सोना 5000/ग्राम बेच कर जबकि भाव सिर्फ 3000 था।
वो ट्रेडर GST का विरोध कर रहे है , वे टैक्स चोर है. जो उनका साथ दे रहे है , वे चोरी के माल में उनके हिस्सेदार है. इन चोरो पर जरा भी ध्यान ना दिया जाय और अगर इनसे कड़ाई से निपटा जाय।